क्या प्रियंका जी एक भाजपा के एजेंट के समर्थन में आज़मगढ़ आयी थीं ??
आज़मगढ़, दिल्ली के शहज़ाद अली नामक एक व्यक्ति ने पिछले साल 2019 में Rashtriya Ulama Council जॉइन की थी और उन्हें दिल्ली का सचिव बनाया गया था, परन्तु कुछ महीने के अंदर ही उनकी कार्यशैली और गतिविधियों को देखते हुए अनुशासनहीनता के मद्दे नज़र पार्टी से निकाल दिया गया था, इसके कुछ दिनों बाद शहज़ाद ने सपा जॉइन की और फिर आज खबर आई कि इन्होंने भाजपा जॉइन कर ली है और भाजपा दिल्ली अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने इन्हें RUC के सचिव के तौर पे अपनी पार्टी में शामिल करने का ट्वीट किया है। ज़ाहिर है शहज़ाद ने झूठ और फर्जीवाड़े के आधार पर RUC का नाम बेचकर निजी लाभ उठाने की कोशिश की है, इसी बीच Saket Gokhale नामक एक स्वघोषित सोशल मीडिया एक्टिविस्ट (पेड काँग्रेस भक्त) शहज़ाद के बहाने RUC पर तथाकथित सेकुलरिज़्म के पसंदीदा नारा #BJP_Agent होने का इल्जाम लगाते हुए RUC के खिलाफ कैम्पेन शुरू कर दिया और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के 3 साल पुराने आधे अधूरे बयान को अपने हिसाब से पेश करते हुए हमें भाजपा का दोस्त साबित करने की कोशिश की क्योंकि इनके हिसाब से अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति या दल मुसलमानो और शोषितों के राजनैतिक नेतृत्व, अधिकार और इंसाफ की बात खुद करता है तो वो ऑटोमैटिकली भाजपा एजेंट है, ये कहते हैं कि चूंकि भाजपा ने 1992 और 2002 किया इसलिए वो आपकी दुश्मन है पर वही कांग्रेस ने भी 1984, 1989, 1992, भागलपुर, मालिहाना, कश्मीर, असम, बाबरी सब किया तो वो दोस्त कैसे? ये hypocrisy नही तो क्या है? ये खुद ये नही बता पाते कि आये दिन कांग्रेसी MP/MLA क्यों भाजपा में भाग रहे हैं पर हमारे एक पूर्व पदाधिकारी के नाम पर हमपे इल्ज़ाम लगा रहे हैं। जब इन्हें भाजपा से लड़ना चाहिए तो ये RUC से लड़ रहे हैं, उसे बदनाम कर रहे हैं पर करें भी क्यों न क्योंकि इन तथाकथित सेकुलरिज़्म के मसीहाओं का हमेशा से यही हथियार रहा है कि जब कोई मुस्लिम नेतृत्व वाला दल उभरे तो उसे भाजपा का एजेंट बताकर बदनाम करदो।
शाहीनबाग़ CAA मूवमेंट का नाम लेकर साकेत RUC पे इल्ज़ाम लगा रहे हैं जबकि RUC ने CAA विरोधी आंदोलन में देश भर में सड़क से जेल और कोर्ट तक संघर्ष किया है। साकेत ये नही बता पा रहे हैं कि अगर RUC भाजपा की एजेंट है तो प्रियंका गांधी क्यों आज़मगढ़ दौरे पर मौलाना ताहिर साहब के परिवार से मिलीं और खुद उनका नाम लेकर उन्हें बेगुनाह बताया? क्या प्रियंका जी एक भाजपा के एजेंट के समर्थन में आज़मगढ़ आयी थीं? वही कुछ अपने तथाकथित सेकुलर मुस्लिम साहेबान जो हमेशा कहते हैं RUC खत्म हो गयी उन्हें भी तकलीफ है, अरे भाई आपको खुश होना चाहिए कि आपकी पार्टी इतनी मजबूत है कि लोग दिल्ली तक मे सपा के बजाए इसका नाम बेचकर अपना करियर बना रहे हैं और सत्ताधारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष उनकी जॉइनिंग की घोषणा खुद कर रहा है। ये आपकी पार्टी की मज़बूती की निशानी है वरना कोई अपने ही एजेंट को तोड़कर अपने मे शामिल नही करता।
मैंने ट्विटर पे साकेत को उनकी इस घटिया हरकत का जवाब दिया है और सवाल भी किये हैं पर उनके पास न कोई जवाब है न शर्मिंदगी, आप भी उनसे सवाल कर सकते हैं ।
तलहा रशादी प्रवक्ता
राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल
इसपर।
https://t.co/7oQD6Urncc





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