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Sunday, 19 October 2025

जिस क़ौम का अपना परचम नहीं,उसकी कोई पहचान नहीं।

 क़्यादत एक हक़ीक़त है,

जिस क़ौम का अपना परचम नहीं,उसकी कोई पहचान नहीं।


इस लोकतांत्रिक देश में आप की जब तक अपनी क़यादत अपना झण्डा अपना लीडर नहीं होगा तब तक आप के मसले का कोई हल नहीं है। क़यादत एक हकीकत है लोकतन्त्र की मज़बूती के लिए सबसे अहम ज़रूरत है,आप ईसे माने ना माने ईसका साथ दें या विरोध करें, ईससे क़्यादत का कुछ नही बिगड़ेगा,आज मौलाना आमिर रशादी साहब कोशिश कर रहे,वो छोड़ देंगे तो कोई और करेगा, और अगर कोई नही करेगा तो अल्लाह खुद ऐसै लोगों को खड़ा कर देंगे जो क़्यादत करेंगे, कुल जमा ख़र्च बस ईतना ही है,रही बात कमी बेशी की तो वो कल भी थी आज भी है और मुझे यक़ीन है कि कल भी रहेंगी,इन्हीं कमी बेशी के साथ लगे रहना है,अच्छाईयां ढूंढना है बुराईयों को कम करना है, फिलहाल RUC लगभग 14 राज्यों में अपना पैर पसार चुकी है और धीरे धीरे सभी राज्यों तक जाएगी,#RUC अगर काम करना बन्द करेगी तो कोई और पार्टी ये काम करेगी, आपको ये मान लेना चाहिए की आप इस क़्यादत के हक़ीक़त को ना दबा पाऐंगे ना रोक पाऐंगे, आप साथी या विरोधी जो बनना चाहें बन जाऐं, और ईस भ्रम को तो बिल्कुल ही मिटा लें के ये RUC या रशादी साहब का काम है, मुसलमान होने के नाते एक इंसान होने के नाते और इस देश का नागरिक होने के नाते ये हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अपनी एक ईमानदार अलग पहचान और ताक़त बनकर आगे बढकर अपने प्यारे वतन की खिदमत करे इंसाफ़ से काम करे जिसका जो हक है उसको मिले और इस लिए अपनी तहरीक अपनी पार्टी  को मज़बूत और बेहतर से बेहतर बनाने में अपना पूरा पूरा योगदान दें,इस तहरीक में सिर्फ कमियां न निकाले बहुत बार ऐसा वक्त आता है या ऐसे फैसले होते है जिससे हमारी नफ़्स को तकलीफ होती है हम को यह लगता है कि काम गलत हुआ है लेकिन जब अपना कायद किसी को मान लिया गया है तो उसकी बातों पर अमल भी किया जाए जो इज्ज़त आप को अपनी तहरीक अपनी पार्टी में मिलेगी,अपने क़ौम के जिन मसलों को आप अपनी पार्टी के जरिए लड़ सकते है आन्दोलन कर सकते है वह किसी दूसरी पार्टी में हरगिज़ नहीं कर सकते है आप ने आवाज उठाने की कोशिश भी की तो फौरन आप को यह पार्टी वाले बाहर कर देते है जिसकी सैकड़ों मिशाल है किसी भी दल में आप रहे तो वहा पर आप को ताबेदारी करनी होगी उनकी सुन्नी होगी,इस लिए अपनी तहरीक राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल को मजबूत करने की कोशिश करे,अगर किसी वजह से आप किसी भी दूसरी पार्टी में है तो कम से कम साइड से अपनी तहरीक को भी मजबूत करने के बारे में सोचे, राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल यह आप का अपना घर है इस घर को मजबूत करेंगे तो कल यह आप के साथ होगा कभी आप को दूसरे दल से निकाला जाए तो आप का अपना एक दल मौजूद हो,इस लिए कमियों से बचे अपनी तहरीक को मजबूत करे कमियां सब में होती है कोई फरिश्ता नहीं है सब इंसान है लेकिन दूसरों के लिए अपना पर उंगली उठाना गलत इल्जाम लगाना यह सही कदम नहीं है।

मोहम्मद नसीम

राष्ट्रीय सचिव

राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल 

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