मैं आज ज़द पे हु तुम खुशुगुमान मत होना !
चराग सबके बूझेंगे हवा किसी के नही !
आज़मगढ़,बीते 5 फरवरी को आज़मगढ़ कस्बा बिलरियागंज में सरकार के काले कानून CAA NPR NRC के खिलाफ महिलाओ द्वारा प्रोटेस्ट करने पर पुलिस रात के 3 बजे महिलाओ पर लाठी चार्ज करती है और राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल RUC महासचिव मौलाना Mohammad Tahir Madni साहब को मुख्य आरोपी बना उनके ख़िलाफ़ एक सोची समझी साजिश के तहत मुकदमा दर्ज कर उनके साथ 18 और बेकसूर लोगो को जेल में भेज देती है ।
आज ज़िला जज ने मौलाना की ज़मानत खारिज कर दी।
अदालत और पुलीस वही कर रही है जो ये सरकार चाहती है ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों की आवाज़ दबाई जा रही है उन्हें परेशान करने के लिए तरह तरह के हथ कंडे अपनाये जा रहे है ।
मैं शुक्रिया अदा करना चाहता हु आज़मगढ़ की जिंदादिल अवाम का मुसलमान का जो मौलाना के लिए बोलना तो दूर उनकी हिमायत में सोशल मीडिया पर एक लफ्ज़ लिखना सवाल करना भी गवारा नही समझते ।
मौलाना का कसूर बस इतना है कि मौलाना एक मुस्लिम नाम वाली पार्टी के नेता और आलिम ए दीन है और मुस्लिम मसायल के लिए ही जेल में बंद है ।
शहबाज़ अहमद ।
चराग सबके बूझेंगे हवा किसी के नही !
आज़मगढ़,बीते 5 फरवरी को आज़मगढ़ कस्बा बिलरियागंज में सरकार के काले कानून CAA NPR NRC के खिलाफ महिलाओ द्वारा प्रोटेस्ट करने पर पुलिस रात के 3 बजे महिलाओ पर लाठी चार्ज करती है और राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल RUC महासचिव मौलाना Mohammad Tahir Madni साहब को मुख्य आरोपी बना उनके ख़िलाफ़ एक सोची समझी साजिश के तहत मुकदमा दर्ज कर उनके साथ 18 और बेकसूर लोगो को जेल में भेज देती है ।
आज ज़िला जज ने मौलाना की ज़मानत खारिज कर दी।
अदालत और पुलीस वही कर रही है जो ये सरकार चाहती है ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों की आवाज़ दबाई जा रही है उन्हें परेशान करने के लिए तरह तरह के हथ कंडे अपनाये जा रहे है ।
मैं शुक्रिया अदा करना चाहता हु आज़मगढ़ की जिंदादिल अवाम का मुसलमान का जो मौलाना के लिए बोलना तो दूर उनकी हिमायत में सोशल मीडिया पर एक लफ्ज़ लिखना सवाल करना भी गवारा नही समझते ।
मौलाना का कसूर बस इतना है कि मौलाना एक मुस्लिम नाम वाली पार्टी के नेता और आलिम ए दीन है और मुस्लिम मसायल के लिए ही जेल में बंद है ।
शहबाज़ अहमद ।

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