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Sunday, 14 July 2019

हिंसक भीड़ तन्त्र से देश सामाजिक व आर्थिक रूप से होगा कमजोर :नुरुल हुदा

हिंसक भीड़ तन्त्र से देश सामाजिक व आर्थिक रूप से होगा कमजोर  :नुरुल हुदा


देश में बढ़ती हुई हिंसक भीड़ तन्त्र पर अफ़सोस जताते हुए इसकी घोर निंदा की राष्ट्रिय उलेमा कौंसिल पार्टी के एक बैठक को सम्बोधित करते हुए  युवा प्रदेशअध्यक्ष श्री नुरुल हुदा जी ने कहा कि बड़े ही अफ़सोस की बात है इस तरह की घटनाओ पर जल्द से जल्द रोक लगे इस तरह की घटना को अन्जाम देने वालो पर कठोर से कठोर कानूनी कार्यवाई कर फांसी की सजा निर्धारित हो इस तरह की घटनाओ पर अगर सरकार का रवैया काफी लचर है जो किसी भी दशा में देशहित में नही है ऐसी घटनाओ से    भीड़ तन्त्र को अंजाम देने वालो को सरकार मबोबल बढ़ाया जा रहा जो देश के सामाजिक सौहार्द एकता व् अखण्डता के ताने बाने देश के मजबूत नींव के आधार हिन्दू मुस्लिम को ध्रुवीकरण कर कुछ लोग अपनी गन्दी राजनीत की रोटी सेक रहे है ऐसी घटनाओ से देश को समाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा जिसे किसी भी स्थिति में राष्ट्रिय उलेमा कौंसिल बरदाश्त नही करेगी जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सन्सद तक हम इस मुद्दे को लेकर जनांदोलन करेंगे सरकार अगर सबका साथ सबका विकास में विश्वाश करती है तो फिर इस मुद्दे पर वो क्यों मौन साथे है तिन तलाक समलैंगिक जैसे मुद्दों पर कानून सन्सद में पारित करती है तो फिर भीड़ तंत्र पर क्यों नही ये एक सवाल है अपने आप में राष्ट्रिय उलेमा कौंसिल का जन्म ही अन्याय की कोख से हुआ है हम संघर्षवादी लोग है किसी भी जाती किसी भी धर्म के या किसी भी वर्ग के साथ जुल्म ज्यादती अन्याय राष्ट्रिय उलेमा कौसिल बरदाश्त नही करती है अगर जुल्मी शेर बनकर किसी गरीब वंचित शोषित मज़लूमो पर अत्याचार करती है तो राष्ट्रिय उलेमा कौसिल का एक अदना कार्यकर्ता सवा शेर बनकर उसके पंजे को मरोड़ने का काम करती है झारखण्ड में हुए भीड़ तन्त्र के शिकार जैसे सैकड़ॉ वारदात हो चुके है पक्ष विपक्ष सभी मौन है लेकिन उलेमा कॉउंसिल चुप नही बैठेगी ऐसी घटनाओ की चाहे कोई भी वर्ग करे उलेमा कौंसिल इसकी घोर निंदा भर्त्सना करती है ।

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