राजनीति का चरित्र समझिए...
आरटीआई कानून से हम और आप यानी नागरिक समाज कमजोर होते है,पारदर्शिता पर रोक लगती है और सरकार का भ्रष्टाचार बढता है,उसके बावजूद भी इस कानून को कमजोर करने के लिए बड़ी आसानी से राज्यसभा में पास कर दिया गया.....।।
लेकिन ट्रिपल तलाक कानून को लटकाने से वोट मिलता है,इसलिए वह तीसरी बार भी राज्यसभा से खारिज हो गया.....!!
वही राज्यसभा,वही राज्यसभा सदस्य एक विधेयक को पारित कर देते है और दूसरे को खारिज कर देते है.....।।
मतलब कुछ समझ में आया....??
मतलब साफ है कि राजनीति में भजने वाले मुद्दे सुलझाए नही जाते बल्कि उलझाए जाते है ताकि उसे वोट के लिए लंबे समय तक जिंदा रखकर भजाया जा सके....।।
यही है सियासत का चरित्र जिसके बचाव में लोग तर्क गढ़ते रहते है लेकिन उन्हें आभाष नही है कि जिन दोगले चरित्र के लोगो का वह बचाव करते है,वही दोगले लोग दिन रात स्वयं को मजबूत करने के लिए जनता के हाथो को कमजोर करते जा रहे है.....।।
जनता को मिले अधिकार आरटीआई कानून को श्रंद्धांजलि और उस हरामखोर मक्कार और दोगले चरित्र के आदमी को लानत भेजता हूँ जिसने पारदर्शिता और करप्शन से लड़ने का वादा किया था लेकिन करप्शन को बढ़ाने,पारदर्शिता की कब्र खोदने और जनता के हाथों को कमजोर करने के लिए आरटीआई संसोधन विल लेकर संसद में आया और उसे पास कराकर जनता को ही अपंग बना दिया.....।।।
शरदेन्दु कुमार वत्स की क़लम से--
#आरटीआईसंसोधनविल #राज्यसभासेपारित
आरटीआई कानून से हम और आप यानी नागरिक समाज कमजोर होते है,पारदर्शिता पर रोक लगती है और सरकार का भ्रष्टाचार बढता है,उसके बावजूद भी इस कानून को कमजोर करने के लिए बड़ी आसानी से राज्यसभा में पास कर दिया गया.....।।
लेकिन ट्रिपल तलाक कानून को लटकाने से वोट मिलता है,इसलिए वह तीसरी बार भी राज्यसभा से खारिज हो गया.....!!
वही राज्यसभा,वही राज्यसभा सदस्य एक विधेयक को पारित कर देते है और दूसरे को खारिज कर देते है.....।।
मतलब कुछ समझ में आया....??
मतलब साफ है कि राजनीति में भजने वाले मुद्दे सुलझाए नही जाते बल्कि उलझाए जाते है ताकि उसे वोट के लिए लंबे समय तक जिंदा रखकर भजाया जा सके....।।
यही है सियासत का चरित्र जिसके बचाव में लोग तर्क गढ़ते रहते है लेकिन उन्हें आभाष नही है कि जिन दोगले चरित्र के लोगो का वह बचाव करते है,वही दोगले लोग दिन रात स्वयं को मजबूत करने के लिए जनता के हाथो को कमजोर करते जा रहे है.....।।
जनता को मिले अधिकार आरटीआई कानून को श्रंद्धांजलि और उस हरामखोर मक्कार और दोगले चरित्र के आदमी को लानत भेजता हूँ जिसने पारदर्शिता और करप्शन से लड़ने का वादा किया था लेकिन करप्शन को बढ़ाने,पारदर्शिता की कब्र खोदने और जनता के हाथों को कमजोर करने के लिए आरटीआई संसोधन विल लेकर संसद में आया और उसे पास कराकर जनता को ही अपंग बना दिया.....।।।
शरदेन्दु कुमार वत्स की क़लम से--
#आरटीआईसंसोधनविल #राज्यसभासेपारित


बहुत बहुत शुक्रिया नफीस भाई साहब..🙏🙏
ReplyDelete