मों आजम आजमी आज़मगढ़ के राष्टीय ओलमा कौंसिल के एक सक्रीय कार्यकर्ता है जो कि ओलमा कौंसिल हर संघर्ष में कदम आए क़दम मिला कर चलते है, उलेमा कौंसिल के किसी भी कार्यक्रम में हमेश बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है। आज़म आजमी एक समाजसेवी,मिलनसार व्यक्ति हैं औरसभी धर्म के लोग आजमी साहब को सम्मान देते हैं और प्रशासन भी सम्मान देती है भले ही आजमी साहब अभी विधायक नही है मगर उनको सभी लोग विधायक कहा करते हैं आजमी ही आजमगढ़ का बदलाव कर सकते हैं क्योकी नाम का असर भी पड़ता है और आजम आजमी अपने नाम के शहर को कभी झुकने नही देगें चुनाव लड़े या नही विधायक रहे या ना रहे आजमगढ़ के लिए हमेश संघर्ष किये है और करते रहेंगे जब तक शरीर में खून का कतरा बाकि रहेगा.
आज़म आज़मी को कोई चुनाव लड़ने का शौक़ नहीं है बस आज़मगढ़ की तरक्की के लिए लड़ेंगे कयोकि अभी तक आज़मगढ़ में जीतने भी नेता आये है वो सिर्फ आज़मगढ़ को वोट का ATM समझें हैं चुनाव जीतने के बाद नज़र नहींं आऐ इस लिए आज़म आज़मी ने फैसला लिया की हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब मौलाना आमिर ऱेशदि साहब का फैसला रहा तो मैदान में जरुर रहूँगा ।
इस ख़ित्त-ए आज़मगढ़ पे मगर फ़ैज़ाने तजल्ली है यक्सर,
जो ज़र्रा यहाँ से उठता है.. वो नय्यर-ए आज़म होता है !!
आज़म आज़मी (बाहुबली)
सदस्य
राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल

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