जनादेश का सम्मान करते हुए जीतने वालों को बधाई :- मौलाना आमीर रशादी राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल
आज़मगढ़,देश की बहुमत ने बता दिया कि अब वो प्रज्ञा ठाकुर जैसों के नेतृत्व में चलना चाहती है तो वही सही। उत्तर प्रदेश में भाजपा को रोकने और संविधान को बचाने के नाम पर महागठबंधन की ऐसी लहर बनाई गयी कि मुसलमानो ने समाजवाद और बहुजनवाद का अस्तित्व बचाने के लिए अपना अस्तित्व (RUC, PPI) को दांव पर लगा दिया पर यही समाजवाद और बहुजनवाद सुविधानुसार फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की नाव पे सवार हो गया। हमे क्या हम तो संघर्ष के आदि हैं और करते रहेंगे चाहे 10 वोट पाएं य 10 लाख पर सामाजिक न्याय और भाईचारा सम्मेलन का नारा देने वालों को ज़रूर सोचना होगा।
हम अपने समस्त समर्थकों, कार्यकर्ताओं और नेताओं का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने इस लहर में भी अपने डंडे-झंडे को मजबूती से थामे रखा और अपनी पहचान, मज़लूम इंसान और हिंदुस्तान के लिए लड़े। हम यकीन दिलाते हैं कि अपनी कमियों से सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे और जनता का विश्वास जीत कर और सबको साथ लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करते रहेंगे और गलत को गलत पुकारते रहेंगे वो चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में।
ऐ खाकनशीनों उठ बैठो, वह वक्त करीब आ पहुंचा है,
जब तख्त गिराए जाएंगे, जब ताज उछाले जाएंगे।
आज़मगढ़,देश की बहुमत ने बता दिया कि अब वो प्रज्ञा ठाकुर जैसों के नेतृत्व में चलना चाहती है तो वही सही। उत्तर प्रदेश में भाजपा को रोकने और संविधान को बचाने के नाम पर महागठबंधन की ऐसी लहर बनाई गयी कि मुसलमानो ने समाजवाद और बहुजनवाद का अस्तित्व बचाने के लिए अपना अस्तित्व (RUC, PPI) को दांव पर लगा दिया पर यही समाजवाद और बहुजनवाद सुविधानुसार फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की नाव पे सवार हो गया। हमे क्या हम तो संघर्ष के आदि हैं और करते रहेंगे चाहे 10 वोट पाएं य 10 लाख पर सामाजिक न्याय और भाईचारा सम्मेलन का नारा देने वालों को ज़रूर सोचना होगा।
हम अपने समस्त समर्थकों, कार्यकर्ताओं और नेताओं का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने इस लहर में भी अपने डंडे-झंडे को मजबूती से थामे रखा और अपनी पहचान, मज़लूम इंसान और हिंदुस्तान के लिए लड़े। हम यकीन दिलाते हैं कि अपनी कमियों से सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे और जनता का विश्वास जीत कर और सबको साथ लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करते रहेंगे और गलत को गलत पुकारते रहेंगे वो चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में।
ऐ खाकनशीनों उठ बैठो, वह वक्त करीब आ पहुंचा है,
जब तख्त गिराए जाएंगे, जब ताज उछाले जाएंगे।

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