राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने सगड़ी विधानसभा की बखालिस बाज़ार में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया।
आज़मगढ़: 2019 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने ज़िले में अपनी राजनैतिक गतिविधियों को बढ़ा दिया है और लगातार नुक्कड़ सभाओं, कार्यकर्ता सम्मेलनों और जनसम्पर्क के ज़रिए जनता से सम्पर्क बनाए हुए है। इसी क्रम में कौंसिल ने सगड़ी विधानसभा की बखालिस बाज़ार में विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन को आयोजन किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कौंसिल के प्रदेश युवा अध्यक्ष ने कहा कि, देश आज केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से पीड़ित है, महंगाई, किसानों की आत्महत्या, नोटबन्दी, जीएसटी, रफाएल जैसे घोटाले व अन्य जनविरोधी नीतियों से आज समाज का हर वर्ग परेशान व प्रताड़ित है और विकास के नाम पर आई सरकार विनाश का प्रतीक बन गयी है। ऐसे में भाजपा के नेतागण बौखला गए हैं और अनाप शनाप बयान दे रहे हैं और क़दम उठा रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में अपनी हार को देखते हुए भाजपा असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जात और धर्म की राजनीति पर उतर आयी है। जनता में आक्रोश है परंतु सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध करना वाला कोई नही है और न कोई जनता की भावनाओं से सरकार को अवगत कराने वाला है। आम आदमी की आवाज़ सड़क से संसद तक उठाने की सपा-बसपा-काँग्रेस को फुर्सत तक नही है ऐसे में आपके मुद्दे कोई उठा सकता है तो वो आपका अपना दल ही उठा सकता है, राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल आपकी क़यादत है, गर आज आपका MP संसद में होता तो वो खुलकर आपकी आवाज बनता। वो ट्रिपल तलाक़ और आरक्षण जैसे आपके मुद्दों को उठाता।
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के सचिव मुफ्ती गुफरान ने कहाकि लोकतंत्र में उसी समाज की आवाज़ सुनी जाती है और अधिकार दिए जाते हैं जो समाज राजनैतिक तौर पे एकजुट और एकत्रित हो। उन्होंने कहाकि आज समाज का हर वर्ग प्रताड़ित है और नय विकल्प की तलाश में है। जनता ने काँग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा सभी का राज देख लिया पर आम आदमी की ज़िंदगी मे कोई बदलाव नही आया इसलिए अब वो देश का आम नागरिक देश की सियासत में बदलाव चाहता है। उसे विकल्प की तलाश है और राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल वो विकल्प है जिसकी तलाश जनता को है बस शर्त ये है कि पार्टी के कार्यकर्ता मज़बूती से जनता के बीच पार्टी की नीतियों को आम करें और जनता के मुद्दों को उठाएं। उन्होंने कहाकि ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सुशासन के नाम पर आई योगी सरकार आम आदमी को न तो सुरक्षा दे पा रही है न साशन कर पा रही है, आज प्रदेश में जुर्म और अपराध का बोलबाला है, यहां तक कि पुलिस भी महफूज़ नही है और आय दिन आम आदमी से लिये पुलिस तक पर भीड़ हमला कर रही है इन हालात में भी प्रदेश के समस्त विपक्षी दलों ने न सिर्फ अपने मुंह सिले हुए हैं बल्कि खामोश तमाशाई बने हुए हैं और सड़क पर उतर कर विरोध करने को भी तैयार नही हैं क्योंकि इन्हें जनता के मुद्दों से सरोकार नही बल्कि ये चाहते और जानते हैं कि जनता के पास विकल्प नही है तो जनता खुद ही अगली बार हमें ही चुनेगी। और इसलिए प्रदेश में सपा बसपा ने अपना गठबंधन बनाया है ताकि इनका अस्तित्व बचा रहे।
ज़िला अध्यक्ष शकील अहमद ने कहाकि बदलाव ज़मीन पर सनघर्ष करने से आता है और कौंसिल का 10 साल का इतिहास संघर्षों से भरा पड़ा है। आज जब सब खामोश हैं तो आपका फ़र्ज़ है कि आप आम आदमी की आवाज़ बनिये और ज़ुल्म और के खिलाफ मज़लूमों और गरीबों की आवाज़ बनिये। आज जनता विकास और स्वराज चाहती है, धर्म और सम्प्रदाय के नाम पर लोगों को 2014 में तो भाजपा ने बहका लिया गया पर अब जनता दुबारा उनके बहकावे में नही आने वाली। 70 साल से मुसलामनों का वोट भाजपा का डर दिखा इन तथा कथित सेकुलर दलों ने लिये पर कभी भी मुस्लिम समाज को उसका अधिकार नही दिया, आज आप के पास मौका है कि आप अपने दल राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल को मजबूत करिये।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला अध्यक्ष शकील अहमद ने की तथा संचालन शमीम शायर ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव मुफ़्ती गुफरान कासमी, ...................... आदि उपस्थित रहे। एकरामुल्ला खान को युवा विधानसभा अध्यक्ष, हाफ़िज़ इर्शाद को सचिव और फैशल को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया 20 लोगोँ ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया !
आज़मगढ़: 2019 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने ज़िले में अपनी राजनैतिक गतिविधियों को बढ़ा दिया है और लगातार नुक्कड़ सभाओं, कार्यकर्ता सम्मेलनों और जनसम्पर्क के ज़रिए जनता से सम्पर्क बनाए हुए है। इसी क्रम में कौंसिल ने सगड़ी विधानसभा की बखालिस बाज़ार में विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन को आयोजन किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कौंसिल के प्रदेश युवा अध्यक्ष ने कहा कि, देश आज केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से पीड़ित है, महंगाई, किसानों की आत्महत्या, नोटबन्दी, जीएसटी, रफाएल जैसे घोटाले व अन्य जनविरोधी नीतियों से आज समाज का हर वर्ग परेशान व प्रताड़ित है और विकास के नाम पर आई सरकार विनाश का प्रतीक बन गयी है। ऐसे में भाजपा के नेतागण बौखला गए हैं और अनाप शनाप बयान दे रहे हैं और क़दम उठा रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में अपनी हार को देखते हुए भाजपा असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जात और धर्म की राजनीति पर उतर आयी है। जनता में आक्रोश है परंतु सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध करना वाला कोई नही है और न कोई जनता की भावनाओं से सरकार को अवगत कराने वाला है। आम आदमी की आवाज़ सड़क से संसद तक उठाने की सपा-बसपा-काँग्रेस को फुर्सत तक नही है ऐसे में आपके मुद्दे कोई उठा सकता है तो वो आपका अपना दल ही उठा सकता है, राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल आपकी क़यादत है, गर आज आपका MP संसद में होता तो वो खुलकर आपकी आवाज बनता। वो ट्रिपल तलाक़ और आरक्षण जैसे आपके मुद्दों को उठाता।
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के सचिव मुफ्ती गुफरान ने कहाकि लोकतंत्र में उसी समाज की आवाज़ सुनी जाती है और अधिकार दिए जाते हैं जो समाज राजनैतिक तौर पे एकजुट और एकत्रित हो। उन्होंने कहाकि आज समाज का हर वर्ग प्रताड़ित है और नय विकल्प की तलाश में है। जनता ने काँग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा सभी का राज देख लिया पर आम आदमी की ज़िंदगी मे कोई बदलाव नही आया इसलिए अब वो देश का आम नागरिक देश की सियासत में बदलाव चाहता है। उसे विकल्प की तलाश है और राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल वो विकल्प है जिसकी तलाश जनता को है बस शर्त ये है कि पार्टी के कार्यकर्ता मज़बूती से जनता के बीच पार्टी की नीतियों को आम करें और जनता के मुद्दों को उठाएं। उन्होंने कहाकि ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सुशासन के नाम पर आई योगी सरकार आम आदमी को न तो सुरक्षा दे पा रही है न साशन कर पा रही है, आज प्रदेश में जुर्म और अपराध का बोलबाला है, यहां तक कि पुलिस भी महफूज़ नही है और आय दिन आम आदमी से लिये पुलिस तक पर भीड़ हमला कर रही है इन हालात में भी प्रदेश के समस्त विपक्षी दलों ने न सिर्फ अपने मुंह सिले हुए हैं बल्कि खामोश तमाशाई बने हुए हैं और सड़क पर उतर कर विरोध करने को भी तैयार नही हैं क्योंकि इन्हें जनता के मुद्दों से सरोकार नही बल्कि ये चाहते और जानते हैं कि जनता के पास विकल्प नही है तो जनता खुद ही अगली बार हमें ही चुनेगी। और इसलिए प्रदेश में सपा बसपा ने अपना गठबंधन बनाया है ताकि इनका अस्तित्व बचा रहे।
ज़िला अध्यक्ष शकील अहमद ने कहाकि बदलाव ज़मीन पर सनघर्ष करने से आता है और कौंसिल का 10 साल का इतिहास संघर्षों से भरा पड़ा है। आज जब सब खामोश हैं तो आपका फ़र्ज़ है कि आप आम आदमी की आवाज़ बनिये और ज़ुल्म और के खिलाफ मज़लूमों और गरीबों की आवाज़ बनिये। आज जनता विकास और स्वराज चाहती है, धर्म और सम्प्रदाय के नाम पर लोगों को 2014 में तो भाजपा ने बहका लिया गया पर अब जनता दुबारा उनके बहकावे में नही आने वाली। 70 साल से मुसलामनों का वोट भाजपा का डर दिखा इन तथा कथित सेकुलर दलों ने लिये पर कभी भी मुस्लिम समाज को उसका अधिकार नही दिया, आज आप के पास मौका है कि आप अपने दल राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल को मजबूत करिये।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला अध्यक्ष शकील अहमद ने की तथा संचालन शमीम शायर ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव मुफ़्ती गुफरान कासमी, ...................... आदि उपस्थित रहे। एकरामुल्ला खान को युवा विधानसभा अध्यक्ष, हाफ़िज़ इर्शाद को सचिव और फैशल को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया 20 लोगोँ ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया !

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