Breaking

Monday, 28 January 2019

मौलाना आमिर रशादी मदनी ने देश की मुस्लिम सेयासी पार्टियों के अध्यक्षों को एक होने के लिए लिखा पत्र ।

देश की मौजूदा सेयासी स्तिथि को देखते हुये मिल्ली सेयासी पार्टियों का एक होना वक़्त की अहम ज़रूरत : तलहा रशादी प्रवक्ता राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल


लखनऊ : राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल अपने स्थापना के पहले दिन से ही इस बात के लिए अग्रसर रही है कि देश की सारी सक्रीय मुस्लिम लीडरशिप वाली राजनितिक पार्टियां आपस में एकत्रित हों, कौंसिल हमेशा इत्तेहाद की कोशिशों का हिस्सा रही है और आगे भी इत्तेहाद के लिए कोशिश करती रहेगी. यह बातें राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के राष्ट्रीय पर्वक्ता तलहा रशादी ने पत्रकार बंधुओं से एक वार्ता में कहीं।
             तलहा रशादी ने कहा की देश की मौजूदा स्तिथि को देखते हुए ये वक़्त की अहम ज़रूरत है कि देश की सारी सक्रीय और मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की सभी मिस्लिम लीडरशिप वाली पार्टियां आपस में एक होकर आने वाले लोकसभा चुनाव का सामना करें, और अपनी ताक़त व इत्तेहाद का संदेश देश स्तर पर तथाकथित सेकुलर पार्टियों को पहुंचाएं,  और उत्तर प्रदेश के सपा बसपा गठबंधन में मुस्लिम राजनैतिक पार्टियों को जगह न देकर इसे ख़त्म करने तथा मुसलमानों के हुक़ूक़ के लिए उठने वाली आवाज़ों को दबाने की जो साज़िश की है इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके, इसी बात को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी ने  पिछले दिनों प्रेस वार्ता कर गठबंधन को ठगबंधन और मुस्लिम लीर्डशिप को ख़त्म करने की साज़िश कहा था , और चेतावनी देते हुये कहा था की उत्तर प्रदेश में तथाकथित सेकुलर पार्टियां मुस्लिम आबादी के हिसाब से मुस्लिम पार्टियों से इत्तेहाद करें और इनको भी सीटों में हिस्सेदारी दें वर्ना इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा , सेकुलर पार्टियों की तरफ से कुछ सक्रियता न दिखने और स्तिथि को देखते हुये व मुसलमानों की बहुत दिनों से रही इत्तेहाद की तमन्ना को सामने रखते हुये राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी ने देश व क़ौम के हक़ में आगे आकर एमआईएम, पीस पार्टी, ऐआईयुडीएफ, एसडीपीआई , इंडियन नेशनल लीग, वेलफयर पार्टी ,मुस्लिम मजलिस सहित दर्जनों मुस्लिम लीडरशिप वाली सक्रीय पार्टियों के अध्यक्षों को एक पत्र लिखा है, जिसमे  देश के मौजूदा स्तिथि पर रौशनी डालते हुये आपस में इत्तेहाद की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है और सभी से मिल बैठ कर इस पर चर्चा करने तथा कोई रास्ता निकल कर एक नए विकल्प के रूप में मज़बूत गठबंधन बना कर चुनाव में हिस्सा लेने व 70 वर्षों से मुसलमानों के वोट से राज करने और उन्हें गुलाम बानाये रखने वालों को सबक सिखाने व क़ौम को बावक़ार बनाने की अपील की है।
         
तलहा रशादी ने आगे बताया की ज़यादा तर अध्यक्षों को पत्र भेज दिया गया है  और हम उम्मीद करते हैं की मुस्बत रवैया और क़ौम व मिल्लत के अच्छे भविष्य व मुसलिम कयादत को मज़बूत और अपने वजूद को बनाये रखने के  लिए इनशाह अल्लाह सभी पार्टियों के अध्यक्ष मौलाना की कोशिशों को सराहेंगे और एक बेहतर योजना बनाने पर तैयार होने के साथ ही मिल्लत के बिखराओ को आपसी एकता में बदलने पर ज़रूर विचार विमर्श करेंगे ।
                                                                                                                                                                 
                                                                                                                                                             अशरफ़ इस्लाही 
मीडिया कोऑर्डिनेटर
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल

No comments:

Post a Comment