सपा-बसपा गठजोड़ बिना शर्त मुस्लिमो को ठगने की पूरी तैयारी गठबन्धन नही ठगबन्धन है : नुरुल हुदा
आज़मगढ़-सपा-बसपा गठजोड़ के बाद सूबे की सियासत का तापमान काफी चढ़ गया है इस गठजोड़ को कुछ अवसर वादी गठबंधन तो कुछ ठग़बन्धन बताने से नही चूक रहे बताते चले की शनिवार को मायावती अखिलेश के सयुंक्त प्रेस वार्ता में गठबंधन को लेकर औपचारिक रूप से एलान किया गया !
इसी क्रम में काफी आक्रमक रूप में गठबन्धन पर निशाना साधते हुए राष्ट्रिय उलेमा कौंसिल के फायर ब्रांड के युवा मोर्चा नेता नुरूलहुदा ने कहा की गठबन्धन नही ठगबन्धन है और बुआ भतीजा मुसलमानो को ठगने का माकूल इंतजाम कर लिया है खासकर सपा और बसपा की राजनीति कहि न कहि मुसलमानो के इर्द गिर्द घूमती है पर क्या मजाल की मुसलमानो के मसले पर कभी एकबार भी भैया ट्विट् कुर्बान किये हो आवाज उठाने की तो बात ही छोड़िये और हमारे नौजवान साथी भैया और बहनजी पर जवानी कुर्बान करने को तैयार है जो बहनजी अपने बंगले के बाहर न निकलती हो उनको बाहर आने से डर लगता है वो क्या भला करेंगी इस समाज का सपा मुसलमानो के लिए साँपनाथ तो बसपा नागनाथ है इन्होंने सिर्फ मुसलमानो का वोट लेकर उनको छलने का काम किया है !
गठबन्धन में मुस्लिम नेतृत्व वाली पार्टियो को न शामिल कर उनका असली चेहरा बेनकाब हो गया है वो कभी मुस्लिम नेतृत्वता को बढ़ता नही देखना चाहते हमेशा उन सियासी पार्टीयो को कमजोर करने में ये दोनों पार्टिया लगी रहती है आज इस औपचारिक रूप से इस एलान में छोटी पार्टियो को तरजीह न देकर अपने अहंकार को सबके सामने ला दिया इससे मुस्लिम समाज अपने आप को ठगा और उपेक्षित महसूस कर रहा है
ये लोग चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का डर मुस्लिमो में दिखाकर उनका समाजिक आर्थिक और संवैधानिक रूप से दोहन किया जाता रहा है लेकिन अब मुसलमान इनकी चलाकियो को बुझ गया है इनके चालबाजियो में नही फंसने वाली आने वाले चुनाव में सपा बसपा को इसका माकूल जवाब मिल जाएगा और राष्ट्रिय उलेमा कौंसिल पुरे चुनाव में इनकी पोल खोल अभियान चलाकर इनको बेनकाब करने का काम करेगी
सपा का यादव बेस वोट 7 प्रतिशत है 38 सीट मयावती का मूल बेस वोट 11 प्रातिशत है जो 38 पर लड़ेंगी और मुस्लिम 21 प्रतिशत है इनको मुस्लिमो के बल पर कितने बार सत्ता का मजा चखा लेकिन अगर उनको हिस्सेदारी के नाम पर मिल रहा है सिर्फ छलावा ये कहा का न्याय है साहब कबतक मुस्लिमो को बेवकुफ बनाया जाएगा मेरा सवाल है मीडिया के माध्यम से सपा और बसपा से
इनको मुस्लिम वोट चाहिए लेकिन मुस्लिम नेतृत्वता वाले दलो से आखिर नफरत क्यों है ये तो क्यों नही इन जमातों को गठबंधन में शामिल किया गया हमारा नारा है जिसकी जितनी भागीदारी उसकी उतनी हिस्सेदारी लेकिन मुसलमानो के हिस्से में क्या मिला मुस्लिमो का और शोषण बर्दास्त नही किया जाएगा मुस्लिम सियासी पार्टियो को गठबंधन में उनके हैसियत के अनुसार उनको हिस्सा दे वरना आने वाले चुनाव में इनको मुहतोड़ जवाब दिया जायेगा !
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