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Saturday, 29 December 2018

अगर सबरी माला में कानून नही बन सकता तो मुस्लिम के शरीयत में भी दखळंदाजी बर्दास्त नही किया जाएगा :नुरूलहुदा प्रदेश यूथ अध्यक्ष राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल


आजमगढ़:लोकसभा में तिन तलाक पर विधेयक पारित होने पर देश भर में नेताओ के ब्यान आना शुरू हो गया है इसी क्रम में पत्रकारो के पूछे जाने पर राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल पार्टी उ.प्र. युथ विंग के प्रदेशाध्यक्ष श्री नुरुल हुदा ने प्रतिक्रिया देते हुये कहा मोदी जी अगर मुस्लिम बहन बेटियो को इन्साफ दिला दिए हो तो गुजरात में आज भी एक जसोदा बेन है जो न्याय के लिए भटक रही है उनको न्याय कब मिलेगा जिनके पति ने बिना तलाक दिए ही छोड़ दिया है।

उसके लिए भी मोदी जी संसद में बिल पारित करवा दे वो भी कई वर्षो से न्याय मांग रही है वो भी किसी की बेटी किसी की बहन होगी उसको भी न्याय मिल जाता दूसरी कड़ी में कहा की माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सबरी माला मन्दिर में महिलाओ को प्रवेश की अनुमति दी थी तो यही तिन तलाक का कानून बिल और चिट्ठा बनाने वाल माननीय कोर्ट की अवहेलना करते हुए कोर्ट को हद में रहकर फैसला सुनाने का नसीहत तक दे डाला और विरोध किया अगर सबरी माला में कानून नही बन सकता तो मुस्लिम के शरीयत में भी दखळंदाजी बर्दास्त नही किया जाएगा इस कानून की भी नही माना जाएगा कानून का गलत इस्तमाल कर मुसलमानो के भविष्य को चौपट करने के लिए संघ और बीजेपी की एक सुनियोजित तरीके से एक कानून बनाकर जबरन थोपा जा रहा है जो नाकाबिले बर्दास्त है इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

रही बात मानने न मानने की तो मुसलमान सिर्फ और सिर्फ अपने कुरआन में बताये हुए शरीयत को ही कानून मानता है और उसके नियमानुसार ही तलाक देने वाले को ही तलाक माना जाएगा और कोई तिन तलाक जैसी कानून नही मान्य होगा।

और तीसरी सबसे मुख्य प्रश्न है की क्या मुसलमानो के इस तिन तलाक कानून सन्सद में पारित होने से पहले मुस्लिम धर्मगुरुओ से इसपर चर्चा किया गया क्या मुस्लिम महिलाओ से इस विषय पर राय जाना अगर नही तो फिर कानून कैसे पास हो सकता है क्या जबरन कोई कानून किसी पर थोंप देंगे आप आपको ये अधिकार नही है मोदी जी और योगी जी की आप किसी विशेष धर्म के ऊपर सही गलत का निर्णय ले हम इस मसले को लेकर करके अपने धर्मगुरुओ और धार्मिक विद्वानों से राय मशविरा ले रहे है जो भी होगा वो सबके सामने होगा फ़िलहाल सरकार को तिन तलाक मिल गया है पहला राजस्थान दुसरा मध्यप्रदेश तीसरा छत्तीसगढ़ से और चौथा तलाक उनको यूपी से मिलने वाला है धैर्य बनाइये।

देश में तिन तलाक से ज्यादा और मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए जैस हमारे देश में और कई संवेदनशील मुद्दे है जैसे गरीबी महंगाई बेरिजगारी अपराध नागरिक सुरक्षा किसान आत्महत्या जैसे गम्भीर समस्या है उस पर भी गौर करे सरकार बीजेपी सरकार अपनी विफलताओं को छुपा कर कभी तिन तलाक तो कभी हनुमान जी की जाति तो कभी मन्दिर पे जनता को भटका रही है सिर्फ जुमले बाजी की जा रही है लेकिन जनता अब इनके चंगुल में फंसने वाली नही 2019 में इनको किये की सजा मिलेगी ये तय है।



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