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Sunday, 20 September 2020

राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी साहब ने आज सक्रिय राजनीति से रिटायरमेंट का एलान किया।


मौलाना ताहिर मदनी साहब की जगह पार्टी मेंं कोई पुरा नही कर सकता:- तलहा रशादी

आज़मगढ़, राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव रहे मौलाना ताहिर मदनी साहब ने आज एक्टिव सियासत से रिटायरमेंट के एलान कर दिया, हालांकि मौलाना एक लंबे वक्फे से अपनी खराब सेहत (बायपास सर्जरी, शुगर, BP) वग़ैरा की वजह से एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर होना चाहते थे पर क़ौमी सदर और पार्टी लीडरान की बात मानते हुए मौलाना ने कई बार अपना फैसला बदला क्योंकि उनकी सरपरस्ती क़ौम, तहरीक और निजी तौर पे भी हम सबके लिए बहुत बड़ी ताकत है। इधर CAA प्रोटेस्ट में गिरफ्तारी के बाद जेल की मशक्कतों ने उन्हें मज़ीद कमज़ोर और बीमार कर दिया।

इसके बावजूद जेल से रिहाई के बाद अब तक पार्टी की कई मीटिंग और प्रोग्राम में मौलाना शामिल रहे जबकि मौलाना के लिए दौड़-भाग करना अब बहुत मुश्किल हो गया है, छोटे से सफर से ही थकान और कमज़ोरी हो जाती है, इन सब के मद्दे नज़र आज बहुत सोच समझ कर मौलाना ने अपने रिटायरमेंट के एलान करना ही बेहतर समझा, हालांकि मौलाना अब भी और आगे भी कौंसिल की रहनुमाई करते रहेंगे अख़लाक़ी और नज़रयाती तौर पे और पार्टी और तहरीक के साथ रहने और इसकी जरूरत पर भी जोर दिया है, बस खुद को दौड़-भाग से दूर करने का इशारा दिया है पर यही हम सब के लिए बहुत तक्लीफदह है,  वो कल भी हमारे सरपरस्त थे, आज भी हैं और इंशा अल्लाह हमेशा रहेंगे। एक्टिव पॉलिटिक्स से रिटायरमेंट का उनका ये फैसला जहां शदीद तकलीफ देने वाला है तो वही सियासत में एक मिसाल भी है कि जहां लोग मरने तक सियासी गद्दी छोड़ने को तैयार नही हैं वहां मौलाना जैसे उसूली आदमी भी हैं।

मौलाना का हर फैसला Rashtriya Ulama Council के हर कारकुन की सरआंखों पर है पर इस फैसले को क़ुबूल करना दिल वे पत्थर रखने जैसा है, हम सब मौलाना से फिर से गुज़ारिश करेंगे कि वो अपने इस फैसले पर नज़र सानी करें और कौंसिल की सिर्फ अख़लाक़ी और नज़रयाती रहनुमाई नही बल्कि हमेशा की तरह एक्टिव अमली रहनुमाई जारी रखें, पार्टी से जुड़े हज़ारों नौजवान आपकी सेहत और तंदुरुस्ती के लिए दुआ करते हैं और हर वक़्त आपकी लाठी और सहारा बनने को तैयार हैं और इसे अपनी खुश किस्मती समझेंगे। यही हम सब की ख्वाहिश, आरज़ू और इल्तेजा भी है। आपकी जगह को कोई पुर नही कर सकता और न आपकी खिदमात को कोई अंजाम दे सकता है ये अलग बात है कि वक़्त आगे बढ़ता रहेगा।


तलहा आमिर रशादी
प्रवक्ता
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल

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