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Sunday, 1 December 2019

वंचितों व अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए चुनाव में उतरी है .. राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल

वंचितों व अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए चुनाव में उतरी है .. राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल
झरिया विधानसभा से सालिक हुसैन अंसारी उर्फ सालिक फरीदी को बनाया है प्रत्याशी। 



झरिया: उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में जनांदोलन तथा शोषित व वंचित समाज के अधिकारों के लिए सड़क पे संघर्ष करने के लिए प्रसिद्ध पार्टी राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल भी इस बार झारखण्ड विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतार रही है। पार्टी ने  झरिया विधानसभा से एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता सालिक हुसैन अंसारी को अपना प्रत्याशी बनाया है और उनके नामांकन व प्रचार प्रसार में आये पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आज झरिया में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया।

राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर अनिल सिंह, प्रवक्ता तलहा रशादी, युथ विंग के अध्यक्ष नुरूलहुदा अंसारी ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित किया और पार्टी पॉलिसी व चुनावी मुद्दों पर रोशनी डाली। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर अनिल सिंह ने कहा कि झारखण्ड प्राकृतिक साधनों से परिपूर्ण देश के अग्रिम प्रदेशों में है परंतु विकास के नाम पर देश के सबसे पिछड़े प्रदेशों में इसकी गिनती होती है। आज झारखण्ड का सबसे बड़ा मुद्दा भूख, भय और भ्रष्टाचार है और राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल इसे ही प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता के बीच आयी है। उन्होंने कहाकि प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न इस प्रदेश में पिछले 5 सालों में दर्जनों लोग भूख से मर गए और भाजपा की सरकारें उन्हें एक अन्न का दाना भी न दे सकी, सरकार को सालाना अरबों का फायदा पहुंचाने वाला झरिया नगर के लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नही हैं और जीने के लिए साफ हवा तक नही मिल सकी है। बल्कि आज प्रदेश भर में कभी धर्म, कभी जाति व कभी अन्य मुद्दों पर भीड़ को उकसाकर  लोगों की जान ली जा रही है और आम आदमी के दिल मे भय पैदा कर दिया गया है ताकि वो खौफ में जिये और अपने बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों की बात भी न करे। चारों तरफ सरकार से लेकर सिस्टम भ्रष्टाचार में जकड़ा हुआ है। हम इसके विरुद्ध अपना नारा "एकता का राज चलेगा, मुस्लिम हिन्दू साथ चलेगा" लेकर जनता के बीच उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए इस चुनाव में उतरे हैं।

पार्टी प्रवक्ता तलहा रशादी ने कहाकि की आज प्रदेश भर मुस्लिम समाज अपने को सबसे दबा और ठगा महसूस कर रहा है। प्रदेश में उनका अपना कोई लीडरशिप नही है  और जिन दलों ने अबतक उनका वोट लिया है उन्होंने केवल उनका शोषण ही किया है विकास तो दूर की बात है। पिछले चंद सालों में जिस तरह से भीड़ ने क़ानून को अपने हाथ मे लिया है और कई मुस्लिम नौजवान इस हैवान भीड़ का शिकार हुए हैं ऐसे में मुस्लिम समाज खुद को बिल्कुल राजनैतिक और सामाजिक तौर पे अनाथ महसूस करने लगा है और अब वो अपने अधिकारों और मुद्दों की लड़ाई खुद लड़ने को तैयार है और कौंसिल इसी लोकतांत्रिक लड़ाई को लड़ने आयी है ताकि झारखंड के मुस्लिम नौजवान मुख्यधारा से जुड़ कर अपना और अपने समाज का विकास कर सके और भय में जीने को मजबूर न हो। पार्टी के युवा विंग के अध्यक्ष नुरूलहुदा अंसारी ने कहाकि की आज प्रदेश का युवा बेरोज़गार है और जब युवा बेरोज़गार होगा तो गलत दिशा में मजबूरन आगे बढ़ेगा। यहां के चुने हुए नेताओं को नौजवानों की जेब रोज़गार और नीतियों से भरनी थी पर वो अपनी जेब भरने में राह गए और आज 18 साल से ज़्यादा गुज़र जाने के बाद भी ये राज्य दिन ब दिन विकास से दूर होता गया और यहां का नौजवान दूसरी जगहों पे रोज़गार के लिए पलायन करने को मजबूर है।

प्रेस वार्ता में झरिया से पार्टी प्रत्याशी सालिक हुसैन अंसारी भी मौजूद रहे और उन्होंने जनता का सहयोग मांगा। इस अवसर पर पार्टी के तमाम अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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