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Thursday, 3 January 2019

अपना हक़ गिड़गिड़ाकर भीख मांगने से नही मिलता अपना हक छिनना पड़ता है :नुरुल हुदा प्रदेश युथ अध्यक्ष राष्ट्रीय उलेमा कौन्सिल

आजमगढ़ : 12 जनवरी को सदर विधानसभा के तकिया पर होने वाले प्रोग्राम की तैयारी में जूट जाने का कार्यकर्ताओं से आह्वान किया ताकि उसे एतिहासिक बनाया जा सके ! हक़ गिड़गिडाकर भीख मांगने से अच्छा है की सरकारो के खिलाफ बगावत का बिगुल फूँक कर उनके हलक से छीना जाय और हम अपना हक सरकारो से छिन कर रहेंगे राष्ट्रीय उलेमा कौसिल का जन्म ही अन्याय की कोख से हुआ है जहां जहां भी अन्याय हुआ है लोगो के साथ चाहे वो सरकार के रूप में हो या कोई शेर बनकर के गुंडा के रूप में पंजा मारने की कोशिस की है उलेमा कौंसिल का अदना सिपाही बनकर उनसे सवा शेर बनकर उनके पंजे को मोड़ने का काम किया है और आगे भी हमारा ये संघर्ष जारी रहेगा !
मोदी जी को आज 1 फीसद तलाकशुदा  मुस्लिम महिलाओ की इतनी ही ही फ़िक्र है तो फिर 15 फीसद मुस्लिम महिलाओ के लिए पेंशन और आरक्षण की बात क्यों नही करते बिल्क़िस मुठभेड़ की न्यायिक जांच क्यों नही बिठाते जकिया जाफरी जिनके पति दिवगंत कोंग्रेसी एहसान जाफरी गोधरा के सांसद थे उनको घर से निकालकर दंगे में  सम्प्रादायिक्ता की आग में झोंक दिया गया उनको इंसाफ दे तीन तलाक एक संघ और बिजेपी की सोची समझी साजिश है जो संविधान और लोकतन्त्र के खिलाफ है तीन तलाक तो इनको मिल गया पहला राजस्थान दुसरा मध्यप्रदेश तीसरा छत्तीसगढ़ के रूप में जनता ने इनको तलाक दे दिया !
आज के मौजुदा हालात में एक इंसान से ज्यादा अहमियत एक पशु गाय को दी जा रही है कुछ तथाकथित देशभक्त जो फर्जी देशभक्ति के आड़ में मासूम बेगुनाह लोगो को मौत के घाट उतार रहें हैं और शासन - प्रशासन मुखदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है और वो पूरी तरह से पंगु हो चुका है !
किसान खून के आंसू रोने पर विवश है इनके फसलो के दाम सही मूल्यों पर नही बेच रही इनको सिंचाई के लिए बिजली मुहैय्या नही करा पा रही कर्जा माफ़ी के नाम पर किसानो का एक रूपये पचास पैसे लोन माफ़ कर इनका उपहास व मज़ाक़ उड़ाया जा रहा है !
रोजगार के नाम पर भर्ती निकाल बेरोजगारो से ही आवेदन फॉर्म के जरिये भारी भरकम फ़ीस अपने सरकारी तिजोरी में भर रही है बाद मे अदालत में भर्तियों को उलझा कर युवाओ के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है
दुकानदार व्यापारी त्राहि त्राहि कर रहा है उनके ऊपर कभी जीएसटी तो कभी सरकारी वैट लागू कर उनके व्यापार को प्रभावित कर रही है
केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों ही जनहित मुद्दौ पर फेल साबित हुई है कानून व्यवस्था बिलकुल ध्वस्त है अगर देश और प्रदेश  में कुछ सस्ती है तो वो  मुसलमान और दलित की  जान है अब तो पुलिस का भी नम्बर आ गया है!
न गुंडागर्दी न भ्रष्टाचार अबकी बार मोदी सरकार ये दावा कर  रहे थे लेकिन भारष्टाचार के जो नए मामले सामने आये है न्यूज स्टिंग ऑपरेशन राफेल घोटाला हुआ है उससे तो यही पता चल रहा है की कितना ईमानदार सरकार है जो खुले आम मनमाफिक पेमेंट देने क बाद मनमानी करने की खुली छुट दे रहे है उनके मंत्री से लेकर संत्री तक
इनका कोई योजना धरातल पर नही दिख रहा ये सिर्फ हवा में योजना बनाते है और हवा में ही गायब हो जाती है आमजन इनसे त्रस्त है इनसे मुक्ति चाहती है जो आने वाले चुनाव में इनको सत्तामुक्त करने का काम जनता करेगी !
राष्ट्रिय उलेमा कौंसिल पहले दिन से ही पीडितो , मज़लूमो , गरीबों , असहायों और शोषित वंचित समाज के लिए संघर्ष करती आ रही है हम अपने मिशन के लिए संघर्षरत है  सरकारे किसी की भी हो मग़र हमारी पार्टी ही मजबूत विपक्ष का रोल अदा करती है !

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